पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:आत्मा पर टिकेंगे तो शरीर से करने वाले संघर्ष आसान होंगे

Oct 30, 2026 - 20:00
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:आत्मा पर टिकेंगे तो शरीर से करने वाले संघर्ष आसान होंगे
इस समय दो बड़ी समस्याएं चल रही हैं- महंगाई और बेरोजगारी। जेन-जी के 50% युवा पार्ट टाइम जॉब यानी दो नौकरियां कर रहे हैं। उन्हें समझ आ गया कि एक से काम चल नहीं रहा। बेरोजगारी, पर्यावरण, परिवार विघटन जैसी समस्याएं उनके जीवन में भी हैं। ऊपर से हाइब्रिड मोड पर लाइफ आ गई। एआई आने के बाद इंसान का नजरिया ही बदल गया। लोग कहते हैं एआई से नौकरियां चली जाएंगी, पर कुछ नौकरियां एआई के लिए भी हो रही हैं। पिछले दिनों विदेश यात्रा में किसी ने मेरा प्रवचन सुनकर मुझे सलाह दी कि आप कहें तो मैं एक एआई कंपनी में आपको जॉब दिला सकता हूं। वर्क फ्रॉम होम कर लेना। आप एआई को समझाना कि व्याकुल व्यक्ति को कैसे समझाया जाए, क्योंकि कई बार एआई इसमें चूक जाता है। अब बताइए हम जैसों को ऐसी नौकरी दी जा रही है! जीवन बड़े खतरनाक मोड़ों से गुजर रहा है। ऐसे में युवाओं को समझाया जाए कि जितना अधिक आत्मा पर टिकेंगे, शरीर से किए जाने वाले संघर्ष उतने ही आसान हो जाएंगे।