पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:विश्वकर्मा जी से सीखें शांति और सुविधा से भरा निर्माण

Oct 29, 2026 - 08:00
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:विश्वकर्मा जी से सीखें शांति और सुविधा से भरा निर्माण
जब रहने के लिए मकान बनाया जाता है तो बड़े-बड़े मशहूर आर्किटेक्ट भी उस घर में रहने वाली महिलाओं की व्यावहारिक समस्याओं को नहीं समझ पाते हैं, जबकि यह एक बहुत बड़ी दूरदर्शिता है। वो सारे इंजीनियर, आर्किटेक्ट कागज पर नक्शे बनाने में, सूत-सांवल गिनने में बड़े माहिर होते हैं। लेकिन जब छत के नीचे इंसान रहना शुरू करता है तो कई व्यावहारिक बातें हैं, जो सामने आती हैं। इन बनाने वालों का फोकस प्रदर्शन पर होता है, व्यापार पर होता है, लेकिन उपयोगिता के नाम पर कई बार चूक जाते हैं। इसलिए अपनी योजनाओं में आने वाली परिस्थितियों को दिमाग में रखें। कंडीशन्ड दिमाग से मकान न बनाएं, रहने वालों की दृष्टि से बनाएं। दुनिया के सबसे बड़े निर्माता विश्वकर्मा जी भी आर्किटेक्ट थे। भगवान ने उनसे पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ का निर्माण करवाया। महाभारत में चर्चा आती है कि उसके भवन इतनी दूरदर्शिता से बने, जिनका अध्ययन आज के निर्माणकर्ताओं को करना चाहिए। बनाने वाले दो पैसे जरूर कमाएं, पर रहने वालों के लिए लंबे समय तक शांति हो, सुविधा हो, यह भी विश्वकर्मा जी से सीखा जाए।