एन. रघुरामन का कॉलम:दिवाली मिलन ट्रेंड : लोग खाने का ओरिजिन जानना पसंद कर रहे हैं
क्या आपने कभी ‘मैंगो स्वीट राइस आइसक्रीम’ नाम के डेजर्ट के बारे में सुना है या किसी को अपने पूरे मेन्यू को ‘ब्यूटिरिशन’ (ब्यूटी और न्यूट्रिशन को मिलाकर बना शब्द) कहते सुना है? अगर नहीं, तो इस लेख को ध्यान से पढ़िए और जानिए कि 2026 की दिवाली के लिए अमीरों के बीच फूड सेगमेंट को लेकर क्या ट्रेंड चल रहा है। मेरे जैसे लोग जहां नए कपड़े और मिठाइयां खरीदने के लिए अगले महीने की सैलरी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं अमीरों की रसोइयों में इस बात पर ‘डाइनरमीट’ चल रही होगी कि दिवाली मिलन पर मेहमानों के लिए किस तरह का खास मेन्यू तैयार करें। ‘डाइनरमीट’- यह शब्द मैंने बनाया है, जिसका अर्थ है मेन्यू पर चर्चा के लिए मीटिंग। दिलचस्प तौर पर इन बैठकों में फूड एडवाइजर, फूड साइंटिस्ट, फूड एक्सपर्ट, फूड क्यूरेटर, फूड एंबेसडर और फूड डेकोरेटर समेत कई लोग होते हैं। इन सभी को मिलाकर ‘ट्रेंड्स काउंसिल’ कहा जाता है और अमेजन के स्वामित्व वाली ग्रोसरी रिटेलर कंपनियां उन्हें काम पर भी रखती हैं। ये पेशेवर सिर्फ इंग्रीडिएंट्स पर ही चर्चा नहीं करते, बल्कि प्रीबायोटिक सोडा, खाने की चीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-डी की मात्रा पर भी बात करते हैं। पहले वे ईटिंग हैबिट्स के ट्रेंड डिस्कस करते हैं और फिर नए फ्लेवर और टेक्सचर कॉम्बिनेशन बनाने के लिए खाने की चीजों के साथ प्रयोग करते हैं। इस तरीके को ‘डिश रीइन्वेंशन’ कहते हैं, जिसमें मेहमानों से कहा जाता है कि वे अपनी पसंद के अनोखे फूड कॉम्बिनेशन बनाएं। खाने-पीने की चीजों के नए प्रयोग सिर्फ कंपनियां ही अपने बोर्डरूम में नहीं कर रही हैं, बल्कि अमीरों की रसोइयों में भी इस आइडिया को फॉलो किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी, जब ट्रेंड्स काउंसिल के सदस्यों ने अपने प्रिडिक्शन देना शुरू किया और यह इंडस्ट्री प्रैक्टिस बन गया। चूंकि ग्राहक यह जानना पसंद करते हैं कि उनका खाना कहां से आया है, इसलिए अमीर परिवारों ने भी मेहमानों को अपनी बनाई चीज दिखाने और उसके बारे में समझाने के लिए यह स्टाइल अपना ली। ‘ब्यूटिरिशन’ भी ऐसा ही एक ट्रेंड है, जिसमें मेजबान मेन्यू के बारे में बताते हैं कि इसमें कोलेजन, एंटीऑक्सीडेंट्स, फायदेमंद फैट और उस हाइड्रेशन की मात्रा कितनी है, जो आपकी स्किन को निखार सकता है। मुझे जिस डेजर्ट ने आकर्षित किया, वह थी ‘मैंगो स्वीट राइस आइसक्रीम’। इसे बनाने के लिए शेफ पके हुए, गर्म और चिपचिपे चावल लेते हैं, जिन्हें अकसर ‘स्वीट राइस’ कहा जाता है। हालांकि, न तो ये चावल मीठे होते हैं और न ही इनमें ग्लूटेन होता है। फिर इन्हें सॉफ्ट करने के लिए इनमें कोकोनट मिल्क मिलाते हैं। दोनों को मिक्सर में डालकर चावल को एकदम मुलायम और सिल्की प्यूरी जैसा बना लिया जाता है। इसमें बेहतर रंग और मीठेपन के लिए पके और फ्रेश हनी मैंगो मिलाए जाते हैं। इसे दुबारा मिक्सर में चलाते हैं। फिर डेकोरेटर प्यूरी को एक शेप देने के बाद उस पर पिस्ता या रोस्टेड बादाम के पतले और करीने से कटे टुकड़े छिड़कता है। इसे जमने में पूरा एक दिन लगता है और अगले दिन आप इसे खोलकर ‘मैंगो स्वीट राइस आइसक्रीम’ निकाल सकते हैं। मेरे लिए यह बिना आइसक्रीम मशीन के बेहतरीन आइसक्रीम बनाने का पहला अनुभव था। आजकल कड़वे इंग्रीडिएंट्स ज्यादा चलन में हैं। ग्राहक और मेहमान कड़वे इंग्रीडिएंट्स की ओर ज्यादा आकर्षित होते दिख रहे हैं। शायद डाइजेस्टिव वेलनेस पर बढ़ते फोकस के कारण ऐसा है। ऐसे में नॉन-अल्कोहॉलिक कॉकटेल और ब्रोकली रेबे व डैंडेलियन ग्रीन्स जैसी कड़वी हरी सब्जियां परोसी जा रही हैं। ब्रोकली रेबे इटली की एक पारंपरिक पत्तेदार सब्जी है, जिसका संबंध शलजम फैमिली से है। इसमें नरम डंठल और ब्रोकली जैसी छोटी-छोटी कलियां होती हैं। इसका फ्लेवर बोल्ड, नटी और हल्का कड़वा होता है, जिसे संतुलित करने के लिए इसमें पर्याप्त लहसुन और ऑलिव ऑइल मिलाते हैं। डैंडेलियन ग्रीन्स सूरजमुखी परिवार की देहाती, पत्तेदार सब्जी है। यह अपने तीखे, मिर्चीदार स्वाद और मिट्टी जैसी कड़वाहट के लिए जानी जाती है, जिसे सीजनिंग और एसिडिक चीजें मिला कर हल्का किया जाता है। अब बीन्स, चने और फलियां सिर्फ साइड डिशेज नहीं रह गए हैं। आजकल ये डिनर में प्रोटीन और फाइबर-रिच डाइट के तौर पर बहुत योगदान दे रहे हैं। फंडा यह है कि इस साल अपने दिवाली मिलन को ट्रेंडी बनाने के लिए मेहमानों को परोसे जाने वाले खाने की बायोलॉजी और हिस्ट्री को समझें। लेकिन याद रखिए कि डाइनर्स को हमेशा ऐसी सिंपल इंग्रीडिएंट लिस्ट ही पसंद आएंगी, जिन्हें शानदार नाम दिए जा सकें।